NBFC क्या है और ये बैंक से कैसे अलग है?

0
136
nbfc vs bank in hindi

जब भी आपन ने किसी NBFC कम्पनी के कार्य को देखा होगा तो आप उसे बैंक समझ बैठे होंगे। पर NBFC बैंक नहीं होते है यह एक फाइनेंसियल कंपनी है जो कुछ हद तक बैंक की तरह ही कार्य करते है। यह सिर्फ बैंकिंग का छोटा सा हिस्सा है। इसकी कार्य प्रणाली बैंक से अलग होती है।

NBFC क्या है –

अगर हम NBFC को सरल शब्दो में समझे तो NBFC एक ऐसी कम्पनी होती है जो की पैसो का लेनदेन करती है पर वह कंपनी एक्ट 1956 के अधीन कार्यरत होती है। कंपनी एक्ट 1956 के में ऐसी कम्पनिया आती है जो किसी जमा योजना में लोगो के पैसो को जमा करती है। तथा लोगो को ऋण देती है ऐसे संस्थान NBFC कम्पनी लहकते है। NBFC का फुल फॉर्म Non Banking Financial Company होता है मतलब गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनी जिसका की बैंक से ताल्लुक नहीं होता है। यह अलग अलग स्कीम्स में लोगो का पैसा जमा करवाती है तथा उन पैसो का निवेश करती है और जो मुनाफा आता है उसे जमा कर्ता के साथ शेयर करती है। ऐसी कम्पनिया लोगो का पैसा अधिकतर बीमा, शेयर मार्केट, स्टॉक्स, लोन देने आदि में निवेश करती है।

अगर हम बात करे बैंक तथा NBFC कम्पनियो में अंतर की तो बैंक का मुख काम तो बैंक आप को धन जमा , निकाशी, डेबिट कार्ट क्रेडिट कार्ड, चेक, पासबुक, इंटरनेट बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग आदि की सुविधा प्रदान करती है पर NBFC कम्पनिया इनमेसे कुछ एक हो सुविधा देती है जैस की पैसा को अलग अलग स्कीम के तहत जमा करना जैसे बीमा शेयरों, बांड्स, स्टॉक, डिबेंचरों, प्रतिभूतियों, चिट फण्ड आदि और लोगो को अलग अलग कार्य के लिए लोन देना।

अधिकतर NBFC कम्पनिया भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अधीन होती है पर ऐसा जरुरी नहीं ह की हर एक कम्पनी भारतीय रिज़र्व बैंक के अधीन हो। अलग अलग काम के अनुसार अलग अलग विभागों के अधीन होती है जैसे बीमा कम्पनिया आइआरडीए के अधीन है, मर्चेंट बैंकिंग कंपनी, वेंचर कैपिटल कंपनी, स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी और म्युचुअल फंडों में काम करने वाली कम्पनी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के अधीन है। आवास तथा वित्य से जुडी कम्पनिया – कंपनी कार्य विभाग(DCA) और चिट फण्ड से जुडी कम्पनिया राज्य सरकार के अधीन कार्यरत होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here