नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आज दोपहर 2:42 बजे गिरा दिया गया 

सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड टावर की अनुमानित लागत 800 करोड़ रूपए थी. जिसमे 2 बिल्डिंग्स का निर्माण किया गया था एक 32 तथा दूसरी 30 मंजिला थी.

कोर्ट के आदेश के बाद पिछले 3 महीने से इसे बम्ब से उड़ाने की तैयारी चल रही थी जिसमे 3700 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था इसे गिराने में सिर्फ 9 सेकंड का वक्त लगा.

इसे कुसल इंजीनियर की मदद से गिराया गया इसके पास मौजूद दूसरी बिल्डिंग महज 12 मीटर की दुरी पर थी पर उनमे किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है.

बिल्डिंग का निर्माण अवैध रूप से ग्रीन बेल्ट पर किया गया था जिसका विरोध  स्थानीय निवासी पिछले 3 साल से करते आ रहे थे अंततः कोर्ट में सत्य की जीत हुई.

बिल्डिंग को गिराए जाने के बाद धूल का गुब्बार उठा जिसमे साइड में स्तित 11 मंजिला इमारते ढक गई. गुब्बार पर निगम द्वारा पानी का छिड़काव किया जा रहा है जिससे उसे फैलने से रोका जा सके. 

अगर हम भारत की सबसे ऊँची बिल्डिंग की बात करे तो वो है मुंबई के वर्ली स्थित पैलैस रॉयल नमक बिल्डिंग जिसकी ऊंचाई 320 मीटर है. तथा इसमें 56 माले है.

अगर हम बात करे ट्विन टावर की हाइट की तो ये 103  मीटर ऊँचे थे  तथा इसमें 31 मेल थे जो की अब जमींदोज़ हो चुकी है.