फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसे इन्वेस्ट करने के फायदे व नुकसान

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फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसे इन्वेस्ट करने के फायदे व नुकसान

pros and cons of investing money in a fixed deposit

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) साधारण भारतीय का निवेश का सबसे सरल और भरोसेमंद साधन है, जिसमे की आप को मूलधन के साथ साथ रिटर्न की भी गारंटी देता है। अन्य निवेशों की तुलना में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भरोसेमंद होने के साथ साथ इस पर लागू ब्याज दरें भी उचित हैं। यही कारण है कि ज्यादातर लोग अन्य निवेश विकल्पों के मुकाबले अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाना पसंद करते हैं। लेकिन इससे पहले कि आप एफडी में निवेश करें हम आप को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की लाभ और हानि बताना चाहेंगे।

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फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) लाभ

1. सुरक्षित निवेश विकल्प

फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने का मुख्य लाभ यह है कि यह सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है क्योंकि एफडी के मामले में निवेश पर रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर आधारित नहीं है। एफडी स्कीम में निवेश करके आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित और सुरक्षित है।

2. निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न

म्यूचुअल फंड, स्टॉक और डेट फंड के विपरीत, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) आप को एक निश्चित रिटर्न की गारंटी देता है और आप को पहले से ही पता रहता है की एक फिक्स्ड टाइम लिमिट के बाद आप को कितने पैसे वपस मिलेंगे। बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दी गई एक निश्चित जमा योजना निश्चित रूप से उन लोगों के लिए एक लाभ है जो अपने निवेश पर सुनिश्चित रिटर्न चाहते हैं और साथ ही उन लोगों के लिए भी जो बाजार में उतार-चढ़ाव से बचाना चाहते है क्यों की मार्किट के अनुसार चलने वाली स्कीम में पैसे कम होने का जोखिम भी रहता है।

इसके अलावा, निवेशक फिक्स्ड डिपॉज़िट कैलकुलेटर का उपयोग करके निवेश करने से पहले परिपक्वता राशि की तुलना और गणना कर सकते हैं । कोई जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) ब्याज दर और जमा अवधि जैसी जानकारी प्रदान करके तुरंत परिपक्वता राशि की गणना कर सकता है। एक एफडी कैलकुलेटर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदान की गई ब्याज दर का उपयोग करके परिपक्वता राशि की गणना करके आपकी कुल कमाई की तुलना करने में भी मदद करता है।

3. ब्याज दर में लचीलापन

अपनी आवश्यकताओं के आधार पर, आप फिक्स्ड डिपॉजिट अपनी व्याज दर पर के निवेश या समय अवधि के अनुसार पहले ही तय कर सकते है। यह मासिक, सालाना या परिपक्वता पर हो सकता है। यह नकदी प्रवाह एक अतिरिक्त आय के रूप में कार्य करेगा जिसे आप या तो किसी महत्वपूर्ण चीज पर खर्च कर सकते हैं या लंबी अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उस राशि का निवेश कर सकते हैं। हाल ही में, अधिकांश बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा एफडी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई थी।

अब कोई भी व्यक्ति जो FD में निवेश करना चाहता है, वह 9% तक फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर अर्जित कर सकता है। वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली ब्याज दर निवेशकों की सामान्य श्रेणी के लिए दी जाने वाली ब्याज दर से थोड़ी अधिक है। बजाज फिनसर्व जैसे कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान (NBFC) वरिष्ठ जमा खाता पर एक वरिष्ठ नागरिक को 0.25% अधिक ब्याज दर प्रदान करते हैं। जबकि, एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 0.65% अधिक एफडी ब्याज दर प्रदान करते है।

ऋण और क्रेडिट कार्ड उपलब्धता

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का एक महत्वपूर्ण लाभ ये भी ये की आप अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर बैंक से लोन ले सकते है और आप को क्रेडिट कार्ड भी आसानी से इशू हो जाता है अपनी एफडी को आधे समय में ही तुड़वा के आप को उस पर भारी जुरमाना देना पड़ता है।

बैंकों और एनबीएफसी निवेशकों को अपने फिक्स्ड डिपॉजिट खातों पर ऋण लेने की अनुमति देते हैं। आप अपनी एफडी पर 90% तक का ऋण ले सकते हैं। दूसरे प्रकार की ऋण की तुलना में एफडी पर लिए गया ऋण पर ब्याज डरे भी काम होती है।

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के नुकसान

1. कम रिटर्न

अगर हम दूसरे प्रकार के निवेश से एफडी की तुलना करे तो इस में दुसरो के मुकाबले काम रिटर्न मिलता है जैसे की अगर हम एफडी की तुलना म्यूचुअल फंड के रिटर्न से करे तो उसमे लगभग दोगुना रिटर्न प्राप्त होता है। पर म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश के तरीको में एफडी ही ऐसा तरीका है जिसमे आप की निवेश रकम के साथ फिक्स्ड रिटर्न की गारंटी भी मिलती है जबकि अन्य ज्यादा रिटर्न वाले निवेश में मार्किट का जोखिम रहता है।

2. तरलता

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) का एक बड़ा नुकसान है है की अगर आप को पैसे की जरूरत एफडी की समय अवधि से पहले ही तोडना चाहते हो तो या तो आप को जुरमाना देना पड़ेगा या फिर आप को उस पर मिलने वाले व्याज की दर कम मिलेगी। कुछ बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में आप को कम से कम एक वर्ष के लिए पैसे जमा रखा जरुरी होता है। उस विशेष वर्ष के भीतर किसी भी नकद निकासी से बचने की आवश्यकता होगी।

3. टैक्स रिटर्न

एफडी में ये भी एक बुरी बात है की इस पर मिलने वाला रिटर्न कर मुक्त नहीं नहीं होता है जो आय आपको फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से अर्जित होती है उस पर आप को अपनी आयकर स्लैब के हिसाब से आप को टैक्स चुकाना पड़ता है। सावधि जमा से अर्जित ब्याज 10% टीडीएस कटौती भी की जाती है। कर लाभ प्राप्त करने के लिए,आप टैक्स मुक्त जमा योजनाओं में भी निवेश कर सकते है। इसमें आप को 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते है और उस पर मिलने वाला ब्याज पर कोई भी कर नहीं लगेगा यह आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स मुक्त रहती है। यदि आओ जॉइंट एफडी खोलते है तो इसमें टैक्स का लाभ सिर्फ प्रधम धारक को होता है।

फिक्स्ड डिपाजिट एक बिना किसी जोखिम लिए निवेश का एक अच्छा रिटर्न है जिसमे आप 100 रूपए के गुणक में कितना भी निवेश कर सकते है इसमें आप को ब्याज दरे तो कम होती है पर आप को यह एक सुरक्षित निवेश की गारंटी देता है जबकि जो मार्किट लिंक निवेश रहते है उसके रिटर्न की गारंटी नहीं होती है वह पूर्णतह मार्किट के उतर चढ़ाव पर निर्भर करते है ।

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