NCERT का पूरा नाम क्या है इसके उद्देश्य एवं कार्य

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NCERT के अगर हम फुल फॉर्म (NCERT full form) की बात करे तो इसका फुल फॉर्म National Council of Educational Research and Training होता है। अगर हम इसके हिंदी नाम (NCERT full form in hindi) की बात करे तो वह राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण है। जो की एक स्वायत्त संस्थान अर्थात स्वशाषीय (autonomous organizations) संस्थान है।

NCERT भारत सरकार द्वारा 27 जुलाई 1961 को शिक्षा से जुड़े मामलों के लिए बनाया गया था। लेकिन इसने 1 सितम्बर 1961 से काम करना शुरू किया इसका मुख्यालय श्री ऑरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली में है एवं इसके अध्यक्ष रमेश पोखरियाल व निर्देशक डॉ हृषिकेश सेनापति है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसका विकास किया जाता है यह संस्था विद्यालय शिक्षा के लिए केंद्र सरकार वा राज्य सरकारों को सलाह देने का कार्य करती है।

NCERT द्वारा विद्यालय सम्बन्धी एवं छात्र संबंधी निर्णय लिए जाते है इसके गठन का सबसे मुख्य उद्देश्य पूरे देश में एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू करना है।

National Council of Educational Research and Training (NCRT) को 7 अलग अलग सरकारी संस्थाओं को मिलकर बनायी गयी है जिनके नाम निम्नलिखित है –

  • केंद्रीय शिक्षण संस्थान
  • केंद्रीय पुस्तक अनुसन्धान केंद्र
  • केंद्रीय शिक्षण एवं वोकेशनल गाइडेंस केंद्र
  • डायरेक्टर ऑफ़ एक्सटेंशन प्रोग्राम्स फॉर सेकेंडरी एजुकेशन
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ बेसिक एजुकेशन
  • नेशनल फंडामेंटल एजुकेशन केंद्र,
  • नेशनल इंस्टिट्यूट

NCRT पाठ्य पुस्तक

NCERT का एक मुख्या कार्य पाठ्यपुस्तकों का किर्यान्व्यन एवं प्रकाशन है NCERT द्वारा प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों को केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड के द्वारा कक्षा 1 से 12 तक लागू की गयी है।

14 राज्यों के 19 अलग अलग स्कूल बोर्ड्स के द्वारा NCERT पाठ्यपुस्तकों को अपनाया गया है। देश के विभिन्न बड़े बड़े प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे आईआईटी, नीट आदि परीक्षाओ के लिए सबसे पहले NCERT पाठ्यक्रम को पूरा करने की सलाह दी जाती है।

NCERT की पाठ्यपुस्तके NCERT की ऑफिसियल वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है। अगर किसी स्कूल बोर्ड को NCERT की पाठ्यपुस्तकों अपने पाठ्यक्रम में शामिल करना हो तो उसे NCERT को एक लिखित अनुरोध भेजना होता है।

NCERT के द्वारा अनुरोषित संसथान को पुष्तकों की सॉफ्ट कॉपी दी जाती है जिसको संसथान को प्रिंट करवाना होता है तथा तय विक्रय मूल्य पर NCERT को कीमत पर 5% रॉयल्टी की भुगतान करना होता है।

NCERT पाठ्यपुस्तकों की कीमत निजी प्रकाशकों द्वारा प्रकशित की गयी पुस्तकों की कीमत के मुकाबले कम होती है।

NCERT के उदेश्य

  • शिक्षा के क्षेत्र में नए शैक्षिक अनुसन्धान करना तथा उनका प्रयोग करना।
  • अच्छी शिक्षण सामग्री को विकशित करना तथा अलग अलग शिक्षण संस्थानों के लिए शिक्षण किट उपलब्ध करवाना।
  • व्यायसिक शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देना तथा लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना
  • छात्रों तथा शिक्षकों के स्तर तथा विचारो में सुधर करना।
  • शिक्षा के क्षेत्र में राज्यों के साथ साथ राष्ट्रिय तथा अंतराष्ट्रिय संगठनों के साथ सहयोग करना।
  • कार्यक्रत शिक्षकों तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े राज्य और राष्ट्रीय अधिकारियो का प्रशिक्षण।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ऑडियो विसुअल एजुकेशन शिक्षा विभाग (1964 -1966) की सिफारिश के अनुसार भारत में पहली बार शिक्षा पर आधारित एक अधिनियम 1968 में पारित किया गया जिसके अनुसार पुरे  देश में एक सामान शिक्षा पद्धति को लागू किया जाये।

इस प्रावधान में 10 साल तक सभी को सामान्य शिक्षा तथा विविध शिक्षा के लिए 2 वर्ष निर्धारित किये गए। इसी के तहत सभी मान्यता प्राप्त CBSE स्कूल NCERT पाठ्यक्रम लागू करती है साथ ही कई राज्यों द्वारा भी NCERT पुस्तक व पाठ्यक्रम को अपने यहाँ लागू किया है।

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