gst-in-hindi-2-min
Advertisement

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत में नई कर प्रणाली (टैक्स) की शुरुवात की जो की गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स -जीएसटी ( वस्‍तु और सेवा कर यानी जीएसटी ) है ये एक सिंगल कर प्रणाली है जिस में आप को सर्विस और वस्तु कर के रूप में की खरीद पर एक बार ही टैक्स देना होगा। जिस से आप को पता रहता है की आप कितना कर चुका रहे है। इसमें एक और लाभ है है की पहले की तरह इसमें राज्यों के लिए अलग अलग कर प्रणाली नहीं है जिस से की पूरे भारत में आप को हर एक वस्तु पर एक जैसा टैक्स चुकाना होगा जो की खरीद को सरल तथा सुखद बनता है।

 

जीएसटी (GST) के लाभ

जीएसटी (GST) का सबसे बड़ा फायदा ये है की जीएसटी में आप को हर वस्तु और सेवा कर के रूप में एक ही टैक्स देना होगा इससे पहले आप को अलग अलग तरीके से 105 तरह के टैक्स देना पड़ता था और यह टैक्स किसी वस्तु के फैक्ट्री से चलने के बाद जिसने व्होल सेलर के पास से गुजरता है उतने लेवल में टैक्स लगता था इस प्रकार हर वस्तु की कीमत हर जगह अलग अलग हो जाती थी। पर जीएसटी लगते ही आप को सिर्फ एक टैक्स देना पड़ रहा है पहले की तरह उत्पाद टैक्स , चुंगी टैक्स , बिक्री टैक्स, सीईएन टैक्स , सेवा टैक्स , कुल बिक्री टैक्स से आप को छुटकारा मिल गया है।

Inline Advertisement

जीएसटी (GST) का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में एक जैसा कर प्रणाली को बनाना है जिस से की राज्यों के बीच लगने वाले असामन्य कर प्रणाली को सुधारा जा सके अभी एक हम आसमान कर प्रणाली पर चलते थे पर जीएसटी (GST) कर पणाली बहुत ही सुनियोजित प्रणाली है इसी कारन यह कर प्रणाली 164 देशो में लागु है। अब जीएसटी (GST) लागु होने से अस्वस्थ प्रतियोगिता पर रोक लगाने में सक्षम होगा साथ ही जीएसटी उन लोगों को सहायता प्रदान करता है जो अन्य राज्यों में अपनी शाखाएं खोलना चाहते हैं।

टैक्स के भुक्तान में होगी आसानी

टैक्स के भुक्तान में भी जीएसटी बहुत ही सरल तथा सुगम है छोटे व्यापारियो के लिए जीएसटी बहुत ही आसान प्रक्रिया है क्यों की इसका डाक्युमेंनटेशन सरल व सुविधा जनक है। रिटर्न भरना, कर अदायगी और रिफंड की प्रक्रिया भी झंझट मुक्त हो जायेगी। क्यों की जीएसटी में सिर्फ एक ही कर देना रहत है इसलिए इसमें कर चोरी और भ्रष्टाचार की सम्भावना भी काम हो जाती है। इस कारन ये सिस्टम ज्यादा प्रभाव साली है।

gst-in-hindi-min

जीएसटी सभी चरणों पर अप्लाई होता है मतलब जब कोई वस्तु का उत्पाद होने से लेकर उसके एन्ड यूजर के उपयोग करने तक इस से की ये शुरुआत से अंत तक सिफत होता रहता है मतलब टैक्स का भुक्तान एन्ड यूजर के दयारा होता है इस प्रकार एक वस्तु पत्र एक बार ही टैक्स का भुक्तान होता है जीएसटी लागू होने के बाद लोगों को टैक्स क्रेडिट लाभ भी मिलता है।

 

 

Bottom Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here